Happy New Year Poems in Hindi | Nav Varsh Kavita

Hello Friends, Here I am going to share Heart Touching Happy New Year Poems in Hindi Language for you. Poems on New Year is the perfect way to spread the Sprit of New Year and share the feeling of joyousness and thoughts with an emotional touch on this beautiful celebration Day. Happy New Years Hindi Poems are often in the form of a New Year Wishes Messages to friends, family and to dear ones. Here we’ve a biggest & good collection of Inspirational Nav Varsh Kavita, Sad New Year Poems on Life, Short Naye Saal Par Kavita for Kids & Children, New Year Love Poems in Hindi Characters for Lovers, Motivational Nav Varsh Poem etc. You can send these Poems to your friends, parents, brother, sister, boss, colleague etc. Wish you Happy New Year 2017  🙂

Heart Touching Happy New Year Poems in Hindi Language with Greeting Images

Happy New Year Poems in Hindi

Beautiful Greeting Image of Happy New Year Poems in Hindi Fonts

 

1) Beautiful Nav Varsh Kavita in Hindi

नव वर्ष
हर्ष नव
जीवन उत्कर्ष नव

नव उमंग
नव तरंग
जीवन का नव प्रसंग

नवल चाह
नवल राह
जीवन का नव प्रवाह

गीत नवल
प्रीति नवल
जीवन की रीति नवल
जीवन की नीति नवल
जीवन की जीत नवल

– हरिवंश राय बच्चन

 

You Should CheckHappy New Year 2017 in Advance

 

 

2) Naye Saal Ki Poetry

आरंभ का अंत हो जाना नया साल है!
गिनती का नंबर बदल जाना नया साल है !
वर्तमान का इतिहास बन जाना नया साल है !
उदये होते हुये सूरज का ढल जाना नया साल है !
खिल के फूल का डाल से उतर जाना नया साल है !
दे के जनम मां का आंचल ममता से भर जाना नया साल है !
एक दर्द भूल कर सुख को पेहचान जाना नया साल है !
नये साल की हार्दिक शुभकामनायें

 

3) Small Nav Varsh Poem in Hindi

नए वर्ष में नई पहल हो।
कठिन ज़िंदगी और सरल हो।।
अनसुलझी जो रही पहेली।
अब शायद उसका भी हल हो।।
जो चलता है वक्त देखकर।
आगे जाकर वही सफल हो।।
नए वर्ष का उगता सूरज।
सबके लिए सुनहरा पल हो।।
समय हमारा साथ सदा दे।
कुछ ऐसी आगे हलचल हो।।
सुख के चौक पुरें हर द्वारे।
सुखमय आँगन का हर पल हो।।

 

Naye Saal Par Kavita

Greeting Pic of Naye Saal Ki Shubhkamnayein

 

 

4) Touching New Year Kavita on Nav Varsh

सुनहरे सपनों की झंकार, लाया है नववर्ष
खुशियों के अनमोल उपहार लाया है नववर्ष

आपकी राहों में फूलों को बिखराकर लाया है नववर्ष
महकी हुई बहारों की ख़ुशबू लाया है नववर्ष

अपने साथ नयेपन का तूफान लाया है नववर्ष
स्नेह और आत्मीयता से आया है नववर्ष

सबके दिलों पर छाया है नववर्ष
आपको मुबारक हो दिल की गराईयों से नववर्ष।

 

5) Sad New Year Poem in Hindi

वो कल भी भूखा सोया था फुटपाथ में
अचानक खूब पटाखे चले रात में
झूमते चिल्लाते नाचते लोगों को देखा तो हर्षाया
पास बैठी ठिठुरती मां के पास आया
बता न माई क्या हुआ है क्या बात है
मां बोली बेटा आज साल की आखरी रात है
कल नया साल आएगा
बेटा बोला मां क्या होता है नया साल
अरे सो जा मेरे लाल
मैं भीख मांगती हूँ तू हर रोज़ रोता है
साल क्या हम जैसों की ज़िन्दगी में कुछ भी नया नहीं होता है

– Shailesh Lodha

 

6) New Year Life Poem in Hindi

ख़ुद को भूलने की हद तक
नशे में डूबे लोगों ने
स्वागत किया
नए साल का !
बेलग़ाम ज़िन्दगी को
और भूलते हुए
याद रहा तो बस
आख़िरी रात का
वह आख़िरी पल
जिसके बाद
सिर्फ ‘कलेण्डर’ नया हुआ
और ख़ुमार उतरने के बाद
सबों की ज़िन्दगी
वही रही
जिसको भूल जाने के लिए
उन्होंने किए थे
सारे यत्न !
नए साल में
काश …. हो पाती
नई बात !

 

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7) Hindi Poem on New Year for Friends

कुछ नया होता है..
कुछ पुराना पीछे रह जाता है;
कुछ ख्वाईशैं दिल मैं रह जाती हैं..
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं;
कुछ छौड कर चले गये..
कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर मैं ..
कुछ मुझसे खफा हैं..
कुछ मुझसे बहुत खुश हैं..
कुछ मुझे भूल गये…
कुछ मुझे याद करते है…
कुछ शायद अनजान है…
कुछ बहुत परेशान है…
कुछ को मेरा इंतज़ार है…
कुछ का मुझे इंतज़ार है…
कुछ सही है….
कुछ गलत भी है….
कोई गलती तो माफ़ कीजिये….
और कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये

 

8) Naye Saal Ki Kavita in Hindi Wordings

नये वर्ष की नयी सुबह
नयी कलम और नयी डायरी
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
मुग्ध हो जाएँ दुनिया सारी

खामोश जुबां के शब्द बनूं
टूटे सपनो के टुकड़े चुनूं
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
भटके अपनो की राह बुनूं

दीन-दुखी जन की पीड़ा
हर दिल तक पहुँचा पाऊँ
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
सबके दिल को छू जाऊँ

निर्बल का मान बचा पाऊँ
निर्धन की जान बचा पाऊँ
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
हर दिल को रोशन कर जाऊँ

जंग लगे दिल के दरवाजों
के तालों को तोड़ सकूँ
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
सबके दिलों को जोड़ सकूँ

झूठ का पर्दाफाश करूँ
और सच का मैं आगाज़ करूँ
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
सबके दिलों में राज करूँ

प्रकाश की सविता बन जाऊँ
आस की सरिता बन आऊँ
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
खुद ही कविता बन जाऊँ

Monika Jain ‘पंछी’

 

Happy New Year Kavita Image

Happy New Year Greeting Image of Nav Varsh Kavita

 

 

9) Naye Varsh Ka Swagat

नये वर्ष का करें सभी हम,
मिलकर सारे ऐसा स्वागत,
भूल सारे वैर भाव हम,
मन में हो प्रीती की चाहत.

नहीं किसी का बुरा करें हम,
सीखें मानवता से रहना,
सच्ची -मीठी वाणी बोलें,
कटुवचन न कभी कहना!

नये -नए संकल्प करें हम
अब है आगे हमको बढ़ना,
भूखे -प्यासे दीन -दुखी की ,
आगे बढ़ कर सेवा करना.

सबके लिए हो मंगलमय इस,
नए वर्ष का इक -इक पल,
भविष्य स्वर्णिम और सुखद हो,
सबके लिए हो उज्जवल कल.

 

10)Happy New Year Love Poem in Hindi

नव वर्ष की नव सुबह
मैं ये इज़हार करता हूँ
मैं आज भी सिर्फ
तुमसे से ही प्यार करता हूँ
है साल नया है नयी उमंग
दिल पर छाया है सिर्फ तुम्हारा रंग
चाहे बीतें युग या गुज़रें महीने और साल
बदलेगा ना मेरे इस दिल का हाल
ये धड़केगा तुम्हारे लिये
ये तड़पेगा तुम्हारे लिये
ये वादा मैं तुमसे
आज अभी करता हूँ
नव वर्ष की नव सुबह मैं
ये ऐतबार करता हूँ
तुम भी ये मुझे बतलाओगी कि
मैं सिर्फ तुमसे प्यार करती हूँ

– अनुष्का सूरी

 

11) फिर आया है नया साल

सर्द रातों की एक हवा जागी
और बर्फ़ की चादर ओढ़
सुबह के दरवाज़े पर दस्तक दी उसने
उनींदी आँखों से सुबह की अंगड़ाई में भीगी ज़मीन से ज्यों फूटा
एक नया कोपल
नए जीवन और नई उमंग
नई खुशियों के संग
दफ़ना कर कई काली रातों को
झिलमिलाते किरनों में भीगता
नई आशाओं की छाँव में
नए सपनों का संसार बसाने
बर्फ़ीली रात की अंगड़ाई के साथ
बसंत के आने की उम्मीद लिए
आज सब पीछे छोड़
चला वो अपनाने नए आकाश को
नए सुबह की नई धूप में
नई आशाओं की नई किरन के संग
आज फिर आया है नया साल
पीछे छोड़ जाने को परछाइयाँ

– मानोशी चैटर्जी

12) Emotional New Year Poetry in Hindi

जिन्दगी का एक ओर वर्ष कम हो चला,
कुछ पुरानी यादें पीछे छोड़ चला..

कुछ ख्वाईशैं दिल मे रह जाती हैं..
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं ..

कुछ छोड़ कर चले गये..
कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर मे ..

कुछ मुझसे बहुत खफा हैं..
कुछ मुझसे बहुत खुश हैं..

कुछ मुझे मिल के भूल गये..
कुछ मुझे आज भी याद करते हैं..

कुछ शायद अनजान हैं..
कुछ बहुत परेशान हैं..

कुछ को मेरा इंतजार हैं ..
कुछ का मुझे इंतजार है..

कुछ सही है
कुछ गलत भी है.

कोई गलती तो माफ कीजिये और
कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये।

 

New Year Poem in Hindi Fonts

Happy New Year Greeting in Hindi for Friends & Family

 

13) Hindi Kavita on Naya Saal

Kab tak phool barsenge naye saal par,
Yeh bhi ho jayega ek din purana,
Jayenge sookh yeh saare phool,
Iske ant ka karega intezar zamana
Door ho jayegi sabhi duvidhayen,
Naye saal mein hoga naya savera,
Nav-varsh lagta atyant bharosemand,
Jhooti ummeeden ban jaati sahara
Purana hoga jab yeh naya saal,
Ho jayegi ummeed ki kiran ojal,
Dhoka de gaya yeh saal bhi,
Aao kare iska bhi qatal,
Naye saal mein kya hai nayapan,
Hai to keval tarikh mein badal,
Vijay prapt ho saal ke har din,
Paida kar utna aatmabal

 

14) बीते साल की यादें Kavita on New Year

बीते साल की यादें कुछ ऐसी होती है..
कुछ ख़्वाहिशें दिल में रह जाती है..
कुछ बिन मांगे मिल जाती है..
कुछ तो अधूरे रह जाते है..
कुछ नए साल के सफर में जुड़ जाते है..
कुछ मुझसे खफा खफा सा रहते है..
कुछ तो बहुत खुश है मुझसे..
कुछ मुझे याद करते है..
कुछ तो मुझे भूल गए है..
कुछ तो सायद अनजान है..
तो कुछ बहुत परेसान है..
किसी को मेरा इन्तेजार है..
किसी का मुझे इन्तेजार है..
उम्मीद करते है आने वाले साल में..
जो मुझसे जितना दूर है वो मुझसे उतना ही करीब है !

 

15) 31st December Hindi New Year Eve Poem

Ae naye saal, tum jub bhi aana
Sab k liye bas khushian lana
Har chehrey per hansi sajana
Har aagan mein phool khilana
Jo bichhrey hain unhian milana
Jo rotey hain unhian hansana
Jo sotay hain unhian jagana
Jo roothey hain unhian manana
Ae naye saal tum jub bhi aana
Sab ke liye behut sari khushiyan lana

Happy New Year 2017

 

16) नये साल की कविता

साल निकल रहा है,
कुछ नया होता है..कुछ पुराना पीछे रह जाता है…
कुछ ख्वाईशैं दिल मैं रह जाती हैं..
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं .
कुछ छौड कर चले गये..
कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर मैं ..
कुछ मुझसे खफा हैं..कुछ मुझसे बहुत खुश हैं..
कुछ मुझे भूल गये… कुछ मुझे याद करते हैं…
कुछ शायद अनजान हैं कुछ बहुत परेशान हैं..
कुछ को मेरा इंतजार हैं .. कुछ का मुझे इंतजार है..
कुछ सही है कुछ गलत भी है.
कोई गलती तो माफ कीजिये और
कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये!!

 

New Year Hindi Poem

Latest New Year Greeting Image in Hindi Wordings

 

 

17) Hindi New Year Motivational Poem

Zindagi ho jaye suhani, naye saal mein
Baat ho dil ki zubaani, naye saal mein
Har din haseen aur, raate roshan ho
Kushiyo ki ho rawani, naye saal mein
Har kisi ke dil mein ho, sabke liye pyar
Puri ho adhuri kahani, naye saal mein
Karte hai hum ye dua, sir ko jhukakar
Mile garib ko roti aur paani, naye saal me
Purana saal ho raha hai, sabse door
Khatm ho nafrato ki kahani, naye saal me

Naya Saal 2017 Mubaraq

 

18) नए साल का शोर है…

नए साल का शोर है, नई नहीं है बात।
महज नाम ही बदलते, कब बदले हालात॥

वही दिसंबर-जनवरी, वही फरवरी-मार्च।
नहीं फेंकती रोशनी, बिगड़ गई है टार्च॥

बड़ी-बड़ी है मछलियां, छोटे हैं तालाब।
चुटकीभर है जिन्दगी, मुट्टीभर हैं ख्वाब॥

खेतों में खटता रहा, होरी भूखे पेट।
भैयाजी होते रहे, निस-दिन ओवर वेट॥

हम धरती के पूत हैं, वे राजा के पूत।
वो रेशम की डोरियां, हम हैं कच्चे सूत॥

पैसा उनका ज्ञान है, पैसा उनका धर्म ।
लज्जित होते ही नहीं, करके काले कर्म॥

ऊंचाई का दंभ है, ऊंचाई से प्यार।
हाथी भी लगता उसे, चींटी जैसा यार।

महक रहे हैं आप तो, जैसे कोई फूल।
कीचड़ अपनी जिन्दगी, हम पांवों की धूल॥

खेती-बाड़ी, गाड़ियां, यहां-वहां दस प्लॉट।
पांच साल में हो गए, भैयाजी के ठाट॥

घरवाली भाती नहीं, परनारी की चाह।
बेघर तू हो जाएगा, घर की कर परवाह॥

मिटे नहीं हैं फासले, घटे नहीं हैं भेद।
चिंता बढ़ती जा रही, बढ़े नाव में छेद॥

– गोविंद सेन

 

19) नया साल मंगल मय होवे

बुलबुल गाये मधुर तराने, प्रेम-प्रीत का हो संसार।
नया साल मंगलमय होवे, महके-चहके घर परिवार।।

ऋतुओं में सुख की सुगन्ध हो,
काव्यशास्त्र से सजे छन्द हों,
ममता में समानता होवे, मिले सुता को सुत सा प्यार।
नया साल मंगल मय होवे, महके-चहके घर-परिवार।।

फूल खिलें हों गुलशन-गुलशन,
झूम-झूमकर बरसे सावन,
नदियों में कल-कल निनाद हो, मोर-मोरनी गायें मल्हार।
नया साल मंगल मय होवे, महके-चहके घर-परिवार।।

भेद-भाव का भूत न होवे,
कोई पूत कपूत न होवे,
हिन्दी की बिन्दी की गूँजे, दुनियाभर में जय-जयकार।
नया साल मंगल मय होवे, महके-चहके घर-परिवार।।

– DR. ROOPCHANDRA SHASTRI MAYANK

 

20) 1st Jan 2017 Welcome New Year Poem

स्वागत है नव वर्ष तुम्हारा, अभिनंदन नववर्ष तुम्हारा
देकर नवल प्रभात विश्व को, हरो त्रस्त जगत का अंधियारा

हर मन को दो तुम नई आशा, बोलें लोग प्रेम की भाषा
समझें जीवन की सच्चाई, पाटें सब कटुता की खाई

जन-जन में सद्भाव जगे, औ घर-घर में फैले उजियारा।।
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा

मिटे युद्ध की रीति पुरानी, उभरे नीति न्याय की वाणी
भय आतंक द्वेष की छाया का होवे संपूर्ण सफाया

बहे हवा समृद्धि दायिनी, जग में सबसे भाईचारा।।
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा

करे न कोई कहीं मनमानी दुख आंखों में भरे न पानी
हर बस्ती सुख शांति भरी हो, मुरझाई आशा लता हरी हो

भूल सके जग सब पी़ड़ाएं दुख दर्दों क्लेशों का मारा।।
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा

वातावरण नया बन जाए, हर दिन नई सौगातें लाए
सब उदास चेहरे मुस्काएं, नए विचार नए फूल खिलाएं

ममता की शीतल छाया में जिए सुखद जीवन जग सारा।।
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा

– प्रो. सीबी श्री

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